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गुरुग्राम : पौड़ी गढ़वाल के युवकों की गुरुग्राम में हुई संदिग्ध मौत का खुलासा आखिरकार 2 दिन बाद हो गया है. पौड़ी के दो युवकों की हत्या नहीं की गई थी, बल्कि सड़क हादसे में उनकी मौत हुई थी. कल से सोशल मीडिया में खबर चल रही थी कि गुरुग्राम में उत्तराखंड के 2 युवकों पर जानलेवा हमला कर उनकी हत्या कर दी गई है. परन्तु इस घटना में घायल तीसरे युवक के बयान और सीसीटीवी फुटेज के बाद सामने आया है कि एक तेज रफ़्तार कैंटर ने इन युवकों की जान ली थी. हालांकि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आनी बाकी है.

बतादें कि हरियाणा के गुरुग्राम में 2 दिन पहले रविवार रात करीब 3.18 मिनट पर शंकर चौक टोल रोड के पास एक सड़क दर्दनाक हादसा हुआ है जिसमें 2 युवकों की मौके पर ही मौत हो गयी थी जबकि तीसरा युवक गम्भीर रूप से घायल हो गया था. हादसे का शिकार हुए तीनों युवक उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के राठ क्षेत्र के रहने वाले थे. हादसे में वीर सिंह (19) पुत्र भगत सिह निवासी कठयुड़ पट्टी ढाईजली पौड़ी गढ़वाल और रमेश सिंह (21) पुत्र गमाल सिंह निवासी कूठखाल पोस्ट गड़ौली पट्टी ढाईजली पौड़ीगढ़वाल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी. जबकि गंभीर रूप से घायल युवक नरेंद्र सिंह नेगी (22) पुत्र शालकी सिंह नेगी पट्टी ढाईजली पौड़ी गढ़वाल का दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल अस्पताल दिल्ली में उपचार चल रहा है.

इस घटना के बाद फैली अफवाहों की पुष्टि के लिए उत्तराखंड के कई समाज सेवी पूरे दिन वहां थाने में मौजूद थे. जिसके बाद समाजसेवी उदय ममगाई राठी, अनिल पंत एवं हरीश असवाल ने अस्पताल जाकर घायल युवक नरेंद्र सिंह नेगी से मुलाकात की. घायल युवक ने उन्हें उक्त घटना के बारे में बताया कि वे तीनो दोस्त रात को होटल से ड्यूटी कर के नाथुपूरा अपने कमरे पर चले गये थे. देर बाद मृतक रमेश ने कुछ घायल दोस्त नरेंद्र को घूमने के लिये फ़ोन किया, जिसके बाद रात करीब 2 बजे वे कमरे से घूमने के बहाने शंकर चौक टोल टैक्स रोड पर पहुँच गये. जहाँ मौत उनका इन्तजार कर रही थी. पीछे से आ रहे तेज रफ़्तार कैंटर ने अचानक उनके टक्कर मार दी और फरार हो गया. घायल युवक ने बताया कि टक्कर लगते ही वह बेहोश हो गया था. इसलिए उसके बाद का उसे कुछ भी याद नहीं है.

पुलिस के मुताबिक़ सीसी टीवी फ़ुटेज और टोल टैक्स कर्मचारी के बयान से ऐक्सिडेंट की पुष्टि की गयी है. जोकि मृतक के परिजन व उत्तराखंड की समाज सेवी संस्थाएँ और वरिष्ठ समाजसेवी अनिल पंत, उदय ममगाई राठी, अनु पंत, नंदन सिंह रावत, जगत बिष्ट, पुष्कर बिष्ट, गम्भीर कैंतूरा और हरियाणा पुलिस डीसीपी, एसीपी, थाना प्रभारी द्वारा जाँच की गयी. जिसमें सड़क दुर्घटना का मामला सामने आया है.इसके अलावा चस्समदीत टोल टैक्स कर्मचारी ने बताया कि इस घटना के बाद उसने कैंटर के पीछे भागने की कोशिश भी की थी, लेकिन इतने में ख़ूनी कैंटर फ़रार हो गया था. जिसका नंबर भी नोट नहीं हो पाया था. फ़िलहाल पुलिस द्वारा अज्ञात वाहन की जाँच की जा रही है. अभी अभी प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुग्राम पुलिस को टक्कर मारने वाले उक्त वाहन का नंबर पता लग गया है. जोकि एक मिनी ट्रक बताया जा रहा है. अब पुलिस जल्दी ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर सकती है. मृतकों के परिजन मौके पर पहुँच गये हैं. आज पोस्टमार्डम किया जायेगा जिसकी फ़ाइनल रिपोर्ट आयेगी। अभी अभी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरोपी ड्राईवर का पता लग गया है.

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