Home Blog

16वें महाकौथिग-2026 की कार्यकारिणी का गठन, इंद्रा चौधरी अध्यक्ष निर्वाचित; इस बार नौ दिनों तक सजेगा महाकौथिग मेला

0

नोएडा। उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल 16वें महाकौथिग-2026 की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। इस बार 9 दिवसीय महाकौथिग मेले में माँ सुरकंडा देवी के स्वरूप को मंच पर सुशोभित किया जाएगा।

रविवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से महाकौथिग-2026 की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। बैठक में पदाधिकारियों ने आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित बनाने का संकल्प लिया।

बैठक में श्रीमती इंद्रा चौधरी को महाकौथिग-2026 का अध्यक्ष चुना गया, जबकि आदित्य घिल्डियाल को चेयरमैन और हरीश असवाल को वाइस चेयरमैन की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यकारिणी में विभिन्न पदों पर अनुभवी एवं सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं को दायित्व सौंपे गए हैं।

मुख्य संयोजक के रूप में राजेंद्र चौहान, संयोजिका कल्पना चौहान, उपाध्यक्ष केशव जोशी, महासचिव लक्ष्मण रावत, कोषाध्यक्ष सुबोध थपलियाल, सांस्कृतिक सचिव सीमा पंवार, सह सांस्कृतिक सचिव शीला पंत, प्रशासनिक सचिव राजेंद्र रावत, प्रमुख व्यवस्थापक आई.पी. उनियाल, वरिष्ठ व्यवस्थापक देवेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ सलाहकार जगत सिंह रावत, संरक्षक नरेंद्र सिंह, स्टॉल प्रभारी सुषमा जोशी, डायरेक्टर रेखा चौहान तथा मीडिया प्रभारी के रूप में रजनी ढौंडियाल जोशी एवं नीरज रावत को जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि महाकौथिग केवल एक सांस्कृतिक मेला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान, परंपरा और विरासत को संरक्षित करने का एक जनआंदोलन है। आयोजन के माध्यम से लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्र, लोककला, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और पहाड़ी जीवनशैली को व्यापक मंच प्रदान किया जाएगा। साथ ही बच्चों और युवाओं को अपनी बोली-भाषा, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने कहा कि आज के बदलते समय में अपनी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। महाकौथिग इसी उद्देश्य को लेकर समाज को एक मंच पर जोड़ने का कार्य करेगा। इसके माध्यम से देश-विदेश में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

आयोजन समिति ने उत्तराखंड समाज के सभी लोगों, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा संस्कृति प्रेमियों से 16वें महाकौथिग-2026 को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग की अपील की।

नवगठित कार्यकारिणी

  • मुख्य संयोजक: राजेंद्र चौहान
  • संयोजिका: कल्पना चौहान
  • अध्यक्ष: इंद्रा चौधरी
  • चेयरमैन: आदित्य घिल्डियाल
  • वाइस चेयरमैन: हरीश असवाल
  • वरिष्ठ सलाहकार: जगत सिंह रावत
  • कोषाध्यक्ष: सुबोध थपलियाल
  • महासचिव: लक्ष्मण रावत
  • उपाध्यक्ष: केशव जोशी
  • मीडिया प्रभारी: रजनी ढौंडियाल जोशी एवं नीरज रावत
  • संरक्षक: नरेंद्र सिंह
  • सांस्कृतिक सचिव: सीमा पंवार
  • प्रशासनिक सचिव: राजेंद्र रावत
  • प्रमुख व्यवस्थापक: आई.पी. उनियाल
  • वरिष्ठ व्यवस्थापक: देवेंद्र सिंह रावत
  • स्टॉल प्रभारी: सुषमा जोशी
  • डायरेक्टर: रेखा चौहान

महाकौथिग का संकल्प

“अपनी संस्कृति – अपनी पहचान,

अपनी विरासत – अपनी शान।”

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में किया ध्वजारोहण

0

मुख्यमंत्री ने वीर बलिदानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को किया नमन, प्रदेशवासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुआ। इसके उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान जन गण मन का सामूहिक गायन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया तथा फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 14 पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया। जिसमें 7 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा के आधार पर एवं 6 को विशिष्ट कार्यों के आधार पर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों, वीर बलिदानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों, अर्धसैनिक बलों एवं पुलिस के बहादुर जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले राज्य आंदोलनकारियों एवं शहीदों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों तक शीघ्र राहत पहुंचाना, घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना तथा जिन लोगों ने अपने घर एवं आजीविका खोई है, उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करना है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव सामग्री पहुंचाने के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल एवं विद्युत लाइनों को शीघ्र दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 अनेक दृष्टियों से ऐतिहासिक है। इस वर्ष देश स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है तथा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इसी वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती तथा सिक्ख पंथ के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष भी मनाया जा रहा है। उन्होंने विभाजन विभीषिका के दौरान अमानवीय यातनाएं झेलने, अपनों को खोने और विस्थापन का दर्द सहने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। देश विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, रक्षा उत्पादन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान, अनुसंधान, स्टार्टअप, खेल, योग एवं आयुर्वेद सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प देशवासियों के सामने रखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ वीरभूमि भी है। राज्य सरकार अपने वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये तथा परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों की अनुग्रह राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है। प्रत्येक बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित करने के साथ सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री की माणा, आदि कैलाश, हर्षिल एवं मुखबा की यात्राओं तथा राष्ट्रीय खेलों में सहभागिता से उत्तराखंड को विकास, पर्यटन एवं खेल के क्षेत्र में नई दिशा मिली है। राज्य के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री ने आगामी 25 वर्षों के लिए उत्तराखंड के विकास का स्पष्ट विजन भी प्रदेशवासियों के सामने रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में केदारनाथ की पावन धरती से प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा’ के मंत्र को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार ने वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल एवं रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे तथा विभिन्न रोपवे परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी को नई गति मिली है। जमरानी, लखवाड़, किशाऊ एवं सौंग बांध परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास एवं शीतकालीन यात्रा जैसी पहलों से प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के साथ पर्यटन एवं अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है, जबकि इस वर्ष कांवड़ मेले में 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र कांवड़ लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। शीतकालीन यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ महापर्व में नया रिकॉर्ड बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अब धार्मिक पर्यटन के साथ वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग एवं वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु एवं पर्यटक यहां से एक अनूठा अनुभव लेकर लौटे और राज्य का ब्रांड एंबेसेडर बने। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। होम-स्टे योजना एवं मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के माध्यम से भी युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। प्रथम चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा तथा इसके लिए 7 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड ने खेलों के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के अंतर्गत 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के साथ खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण, औद्यानिकी, विज्ञान एवं नवाचार तथा सुशासन के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश की 3 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को 3 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा निःशुल्क नहर सिंचाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की गई है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट इन्फॉर्मेशन सेंटर एवं स्टैम लैब्स जैसी पहलें राज्य में विज्ञान एवं तकनीक को बढ़ावा दे रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। पिछले पांच वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं तथा स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1,750 हो गई है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक एवं इंडिया इनोवेशन इंडेक्स में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। उत्तराखंड को लगातार चार वर्षों से ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ का गौरव भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून एवं नकल विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिली है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां विकास के साथ विरासत, रोजगार के साथ पलायन का समाधान, आधुनिकता के साथ संस्कृति और पहचान की मजबूती सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने की सात महत्वपूर्ण घोषणाएं

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास एवं जनकल्याण से जुड़ी सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं –

’’1.’’ चमोली, पौड़ी एवं अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।

’’2.’’ प्रदेश के प्रथम ‘युवा आयोग’ की स्थापना की जाएगी।

’’3.’’ सीमावर्ती ग्रामों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों एवं अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा।

’’4.’’ वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा का विस्तार कर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।

’’5.’’ प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत राज्यांश 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।

’’6.’’ 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। आईआईटी एवं आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जाएगी।

’’7.’’ प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इस वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों का विश्वास सरकार के लिए राजनीतिक समर्थन मात्र नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ कार्य करती रहेगी।

समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, शासन के सचिवगण, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेन्द्र डोभाल एवं अन्य महानुभाव उपस्थित थे।

जिला जज ने ग्रामीण पत्रकार जगमोहन डांगी को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

0

पौड़ी गढ़वाल: 80वें स्वतंत्रता दिवस एवं ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अवसर पर जिला न्यायालय पौड़ी गढ़वाल में आयोजित समारोह के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक जागरूकता फैलाने और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ग्रामीण पत्रकार के नाम से विख्यात जगमोहन डांगी को माननीय जिला जज महोदय द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

जगमोहन डांगी को यह सम्मान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पौड़ी गढ़वाल के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कानून संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने, जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता से जोड़ने तथा न्याय दिलाने की दिशा में किए गए उनके सराहनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।

सम्मान प्राप्त करने के बाद जगमोहन डांगी ने कहा, “यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि उन सभी ग्रामीणों का है जिनकी आवाज़ मैं वर्षों से उठाता आ रहा हूँ। मेरा प्रयास आगे भी रहेगा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक कानून की जानकारी पहुंचे और हर जरूरतमंद को न्याय मिल सके।”

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने जगमोहन डांगी को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए उनके सामाजिक एवं जनहित कार्यों की सराहना की।

“80वें स्वतंत्रता दिवस पर सेक्टर बीटा-2 में निकाली गई भव्य प्रभात फेरी, वरिष्ठ नागरिकों व महिलाओं का किया सम्मान”

0

ग्रेटर नोएडा। 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर शनिवार, 15 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 स्थित आई ब्लॉक की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) “जन कल्याण समिति” द्वारा ध्वजारोहण, प्रभात फेरी एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
आज सुबह 9 बजे आई ब्लॉक के पार्क में सभी ब्लॉकवासी एकत्रित हुए, जहां से पूरे आई ब्लॉक में प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी में बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान प्रतिभागियों ने ‘वन्दे मातरम्’, ‘भारत माता की जय’ और अन्य देशभक्ति के नारों के साथ वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया।
प्रभात फेरी के उपरांत सभी लोग पार्क में एकत्रित हुए, जहां राष्ट्रीय ध्वज फहराकर तिरंगे को सलामी दी गई। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया तथा देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर जन कल्याण समिति की ओर से आई ब्लॉक के वरिष्ठ नागरिकों एवं महिलाओं को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण करने का भी दिन है। सभी से सामाजिक एकता, सौहार्द और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में समिति की अध्यक्ष आरती शर्मा के नेतृत्व में बरिष्ठ नागरिक बैजनाथ शर्मा, प्रेमपाल, नव प्रभात, विनीत गोयल, अरुण लवानिया, जे.पी. रावत, सुशील शर्मा, राजवीर शर्मा, अरविंद पाल, सत्येन्द्र नेगी, गौरव, सुरेश, डॉ. सोनाली गुप्ता, सुनीता पाठक, प्रियंका, मीना नेगी, सीमा, दीपा, गीतिका और शिवानी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे एवं ब्लॉक निवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया।

स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस सेवादल ने धूमधाम से किया ध्वजारोहण

0

श्रीनगर गढ़वाल: 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर कांग्रेस सेवादल द्वारा ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह और देशभक्ति के माहौल में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत ‘वन्दे मातरम्’ गीत के सामूहिक गायन से हुई। इसके उपरांत वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरेंद्र सिंह नेगी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद उपस्थित कार्यकर्ताओं ने ‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा’ ध्वज गीत का सामूहिक गायन किया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया। इस दौरान ‘आज़ाद हिन्द ज़िंदाबाद’ और ‘वन्दे मातरम्’ के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस सेवादल संजय कुमार फौजी ने किया। इस अवसर पर निशांत कण्डारी, सुनील गोस्वामी, महिला अध्यक्ष अंजू भट्ट, मोनालिसा रावत सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने राष्ट्रध्वज को सलामी देते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता केवल हमारा अधिकार नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संविधान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य भी है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ मिलकर देश को मजबूत बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्यों विजय सिंह, पूरण सिंह धनाई, द्वारिका प्रसाद, चन्द्र प्रकाश कटारिया, हरि सिंह मल, सोहन लाल शाह, संजय कुमार, धीरेन्द्र नेगी, ललित मोहन बहुगुणा, कुलदीप राज, जे.पी. बोरा, राम गोपाल, त्रिलोक सिंह बिष्ट, विजय कुमार, शशि भूषण उनियाल, भानु बिष्ट, अनिल धनाई, मथुरा प्रसाद पुरी, गजेन्द्र पुण्डीर, दलबीर सिंह धनाई, राकेश भण्डारी एवं कृपाल सिंह रावत सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में सुमन आनंद, रजनी देवी, डी.पी. गोदियाल, राकेश चमोली, दलबीर सिंह दानू, जी.एन. सेमवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बाल कवि कार्तिक तिवारी की पुस्तक ‘बालपन’ का गोपेश्वर में विमोचन, 101 कविताओं में संस्कृति, पर्यावरण और विज्ञान का समावेश

0

गोपेश्वर। उत्तराखंड महिला आयोग एवं बुलंदी साहित्यिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बाल कवि कार्तिक तिवारी ‘पहाड़ी’ की पहली काव्य पुस्तक ‘बालपन’ का भव्य विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम 8 अगस्त को राजकीय इंटर कॉलेज, गोपेश्वर के प्रांगण में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।

पुस्तक ‘बालपन’ में कार्तिक तिवारी की 101 मौलिक कविताओं का संकलन है। इन कविताओं में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति, विज्ञान, क्वांटम विज्ञान तथा सामाजिक जागरूकता जैसे विविध विषयों को सरल, सहज और रोचक शैली में प्रस्तुत किया गया है। बाल कवि ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कार्तिक तिवारी की साहित्यिक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि कम आयु में 101 कविताओं का सृजन करना अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि संस्कृति, पर्यावरण और विज्ञान जैसे गंभीर विषयों को बाल साहित्य के माध्यम से प्रस्तुत करना प्रेरणादायक प्रयास है, जो अन्य बच्चों को भी रचनात्मक कार्यों के लिए प्रोत्साहित करेगा।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य सोशिला शर्मा, भाजपा मीडिया प्रभारी मोहन सिंह नेगी, भगत सिंह राणा, सुरभि चक्रवर्ती, राखी चौहान, संगीता बहुगुणा, ममता शाह, संगीता बिष्ट, सेवानिवृत्त शिक्षिका बसंती देवी, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुशीला सेमवाल, तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित मीना तिवारी एवं नर्मदा देवी, कार्तिक के पिता सुधीर तिवारी, नेहा फाउंडेशन के संस्थापक सुनील पुंडीर, चरण पादुका गोथल समिति की अध्यक्ष दीपा देवी, संतोषी कुवंर, संगीता देवी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की और बाल कवि कार्तिक तिवारी की रचनाओं से प्रेरणा लेने का संकल्प व्यक्त किया। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने पुस्तक ‘बालपन’ को बाल साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान बताते हुए कार्तिक तिवारी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

आउटसोर्स कर्मी बीडीसी सदन में, पत्रकारों को औपचारिक निमंत्रण तक नहीं

0

कल्जीखाल: विकासखंड कल्जीखाल की क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की त्रैमासिक बैठक को लेकर स्थानीय पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों ने ब्लॉक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि विकासखंड के सबसे बड़े सदन की महत्वपूर्ण बैठक के लिए क्षेत्र के स्थापित पत्रकारों एवं अन्य मीडिया प्रतिनिधियों को न तो औपचारिक निमंत्रण भेजा गया और न ही दूरभाष के माध्यम से सूचना दी गई।

वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन डांगी, अजय रावत ‘अजेय’ और विक्रम पटवाल ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि ब्लॉक प्रशासन का यह रवैया कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि मीडिया को बैठक से दूर रखने का प्रयास यह संकेत देता है कि प्रशासन पारदर्शिता बनाए रखने के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि बैठक की कार्यवाही पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होती, तो मीडिया को सूचना देने से परहेज नहीं किया जाता।

पत्रकारों ने बीडीसी सदन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सभाकक्ष में सदन की गरिमा के अनुरूप व्यवस्था दिखाई नहीं देती। सदस्यों, अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के बैठने के लिए कोई स्पष्ट प्रोटोकॉल नजर नहीं आता, जिससे बैठक की गंभीरता प्रभावित होती है।

इसके अलावा आरोप लगाया गया कि कई विभागों की ओर से संबंधित अधिकारियों के स्थान पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रतिनिधि बनाकर बैठक में भेजा जा रहा है। वहीं वीबी-जीरामजी, पंचायती राज तथा ई-डिस्ट्रिक्ट जैसे विभागों में कार्यरत संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी भी सदन में बैठकों के दौरान मौजूद रहते हैं, जिसे लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

पत्रकारों ने ब्लॉक प्रशासन से भविष्य में बीडीसी बैठकों की सूचना समय पर सभी मान्यता प्राप्त एवं क्षेत्रीय पत्रकारों को उपलब्ध कराने तथा सदन की गरिमा के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने बैठक की कार्यवाही में पारदर्शिता बनाए रखने और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने पर भी जोर दिया।

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीद पार्क में धरना 131वें दिन भी जारी, तीलू रौतेली जयंती पर सरकार की कार्यशैली पर उठे सवाल

0

ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीद पार्क, नेपाली फार्म में क्षेत्रीय संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में शहीद स्मारक एवं उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहा धरना शनिवार को 131वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान वक्ताओं ने वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती पर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रदेश की जनभावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाया।

धरने को संबोधित करते हुए समिति के संयोजक शीशपाल सिंह पोखरियाल ने कहा कि वीरांगना तीलू रौतेली उत्तराखंड की पहचान, गौरव और स्वाभिमान की प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में प्रदेश की महान विभूतियों को उचित सम्मान देने के बजाय किसी बाहरी व्यक्ति की प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास उत्तराखंड की अस्मिता और जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती पर स्थापित होने वाले स्मारक और प्रतिमाएं यहां के आंदोलनकारियों, वीर-वीरांगनाओं तथा लोकनायकों के योगदान और जनता की भावनाओं को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। सरकार से इस विषय पर पुनर्विचार कर जनभावनाओं का सम्मान करने की अपील भी की गई।

इस अवसर पर उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश महासचिव सुधीर राय रावत ने कहा कि सरकार इस मामले में हठधर्मिता का परिचय दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को सत्ता के अहंकार से बाहर निकलकर उत्तराखंड की जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है और उसकी भावनाओं की अनदेखी उचित नहीं है।

सुधीर राय रावत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी जारी रखी, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की अस्मिता, स्वाभिमान और महान विभूतियों के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

धरना स्थल पर उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के जिला महासचिव गौतम राणा, राज्य आंदोलनकारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे और आंदोलन को समर्थन दिया।

क्षेत्रीय संयुक्त संघर्ष समिति ने दोहराया कि शहीद स्मारक और उत्तराखंड की महान विभूतियों के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय नहीं लेती।

उत्तराखंड मीडिया संगठन के पदाधिकारियों ने दिल्ली भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. विनोद बछेती से की शिष्टाचार भेंट

0

पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर दी नई जिम्मेदारी की शुभकामनाएं, उत्तराखंड एवं मीडिया से जुड़े मुद्दों पर हुई सार्थक चर्चा

नई दिल्ली। उत्तराखंड मीडिया संगठन के पदाधिकारियों ने संगठन के अध्यक्ष जगमोहन रावत ‘जिज्ञासु’ के नेतृत्व में रविवार को दिल्ली भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. विनोद बछेती से उनके न्यू अशोक नगर स्थित कार्यालय में शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर संगठन की ओर से डॉ. बछेती का पुष्पगुच्छ एवं पारंपरिक शॉल भेंट कर सम्मान भी किया गया।

भेंट के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण में उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मीडिया से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। संगठन के प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड मूल के लोगों से जुड़े मुद्दों, पत्रकारिता के बदलते स्वरूप तथा समाज में मीडिया की सकारात्मक भूमिका पर अपने विचार साझा किए। साथ ही उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सरोकारों और जनहित के विषयों को प्रभावी ढंग से समाज के सामने लाने में मीडिया की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

उत्तराखंड मीडिया संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि डॉ. विनोद बछेती लंबे समय से सामाजिक कार्यों एवं जनसेवा से जुड़े रहे हैं और उन्हें दिल्ली भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जैसा महत्वपूर्ण दायित्व मिलना उत्तराखंड मूल के लोगों के लिए भी गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. बछेती अपने नए दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ करते हुए समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से उत्तराखंड से जुड़े लोगों के हितों की आवाज को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।

इस अवसर पर डॉ. विनोद बछेती ने उत्तराखंड मीडिया संगठन के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज और मीडिया दोनों लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपराओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और भविष्य में भी समाजहित के कार्यों में सभी का सहयोग अपेक्षित रहेगा।

डॉ. विनोद बछेती ने इस अवसर पर बताया कि उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक एवं गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के जन्मदिवस (12 अगस्त) की पूर्व संध्या पर 11 अगस्त की शाम उनके न्यू अशोक नगर स्थित सभागार में एक भव्य सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने उत्तराखंड मीडिया संगठन के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को इस कार्यक्रम में सादर आमंत्रित करते हुए अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, संगीत और विरासत को समर्पित होगा तथा इसमें बड़ी संख्या में उत्तराखंड समाज के प्रबुद्धजन, कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

बैठक के अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने डॉ. बछेती के सफल कार्यकाल की कामना करते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में सामाजिक समरसता, जनसेवा और उत्तराखंड समाज के हितों से जुड़े कार्यों को नई दिशा मिलेगी। शिष्टाचार भेंट सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई तथा दोनों पक्षों ने भविष्य में समाजहित के विभिन्न विषयों पर मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

प्रतिनिधि मंडल में उत्तराखंड मीडिया संगठन के अध्यक्ष जगमोहन रावत ‘जिज्ञासु’, महासचिव राजेश डंडरियाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरीश रावत, कोषाध्यक्ष डीएस नेगी, प्रचार सचिव द्वारिका प्रसाद चमोली, राजू बोहरा, अमित सहित संगठन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

राकेश राणा बने उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव, कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर

0

छात्र राजनीति से प्रदेश संगठन तक का लंबा सफर, कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निभाया निर्वहन

टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने टिहरी गढ़वाल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राकेश राणा को प्रदेश महासचिव नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए राकेश राणा को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

राकेश राणा का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वर्ष 1995 में उन्होंने एनएसयूआई (NSUI) के माध्यम से सक्रिय राजनीति में कदम रखा। छात्र हितों के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए वे लगातार दो बार गढ़वाल विश्वविद्यालय परिसर, टिहरी के छात्रसंघ नेता चुने गए। इसके बाद उन्होंने युवा कांग्रेस और कांग्रेस संगठन में विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

राणा दो बार जिला कांग्रेस कमेटी, टिहरी गढ़वाल के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वे एनएसयूआई एवं युवा कांग्रेस के अध्यक्ष तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव का दायित्व भी निभा चुके हैं। उन्होंने लगभग नौ वर्षों तक युवा कल्याण विभाग, टिहरी के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। साथ ही वे दो बार प्रतापनगर से क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए।

राजनीतिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ राकेश राणा सामाजिक सरोकारों से भी लगातार जुड़े रहे हैं। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और आंदोलनकारियों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वर्तमान में वे उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच, टिहरी गढ़वाल के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। पहाड़, ग्रामीण क्षेत्रों, युवाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी सक्रियता लगातार बनी रही है।

उत्तराखंड के अलावा उन्होंने कांग्रेस के संगठनात्मक कार्यक्रमों और चुनाव अभियानों में देश के विभिन्न राज्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और चुनावी रणनीति का उन्हें व्यापक अनुभव प्राप्त है।

शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य जैसे जनसरोकारों के विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है। उनका मानना है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य के विकास की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार राकेश राणा की प्रदेश महासचिव पद पर नियुक्ति आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन को मजबूत करने की दिशा में कांग्रेस का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। छात्र राजनीति से लेकर प्रदेश संगठन तक के उनके लंबे अनुभव का लाभ पार्टी को चुनावी तैयारियों में मिल सकता है।

प्रदेश महासचिव नियुक्त होने पर राकेश राणा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने तथा जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं के सहयोग से उत्तराखंड में कांग्रेस संगठन को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।