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देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत व उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने शुक्रवार को गंगोत्री धाम पहुंचकर पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री ने गंगोत्री धाम में मां गंगा से प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि की कामना की।

इसके बाद मुख्यमत्री त्रिवेन्द्र व केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत ने तपोवनम् कुटी, गंगोत्री में संयुक्त रूप से स्वामी सुंदरानंद के नवनिर्मित तपोवन हिरण्यगर्भ कलादीर्घा एवं तपोवनम् हिरण्यगर्भ मंदिर और ध्यान केन्द्र का उद्घाटन किया। हिरण्यगर्भ कलादीर्घा में स्वामी सुंदरानंद ने 1948 से अब तक गंगोत्री, हिमालय और उपला टकनौर की संस्कृति और परंपरा को तस्वीरों में कैद किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर 81 करोड़ 19 लाख 68 हजार रूपये की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण भी किया।

शिलान्यास की गई योजनाओं में कुवां कफनोल राड़ी मोटर मार्ग लागत 168.92, राजगढ़ी से मस्सू मोटर मार्ग लागत 106.03, राष्ट्रीय राजमार्ग से डंडालगांव तक मोटर मार्ग निर्माण लागत 50.00, स्याना चट्टी से कुंसाला मोटर मार्ग में सतह सुधार तथा क्षतिग्रस्त दिवारों व स्कवरों का पुनः निर्माण लागत 85.96, भाटिया प्रथम में पार्किग स्थल का निर्माण लागत 32.76, नाकुरी सिंगोट मोटर मार्ग के किमी 5,6,7 में चैड़ीकरण व डामरीकरण कार्य लागत 280.62, हरेथी से जिनेथ होते हुए पटारा स्यालना तक मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 210.60, ब्रहमखाल से मंडियासारी-मसौन मोटरमार्ग का निर्माण लागत 322.85, ज्ञानसू साल्ड मोटर मार्ग से उपला बस्ती ज्ञानसू तक मोटर मार्ग का निर्माण लागत 273.60, डुण्डा देवीदार से खटटूखाल तक मोटर मार्ग निर्माण 254.03, धनारी से पीपली थाती बैंड से धारकोट मुसड़गांव तक मोटर मार्ग का पुनः निर्माण कार्य व डामरीकरण व 24 मीटर स्पान का स्टील गार्डर सेतु सहित कार्य लागत 354.29, कमद अयारखाल मोटर मार्ग के किमी 1 से 5 तक डामरीकरण का कार्य लागत 411.57, द्वारी रेथल मोटर मार्ग का डामरीकरण का कार्य लागत 209.54, भटवाड़ी में मीनी स्टेडियम रेथल पंहुच मार्ग का डामरीकरण व विस्तार कार्य 330.26 इन्दरा टिपरी के कण्डारा खोल से दिवारी खोल तक मोटर मार्ग नव निर्माण कार्य 118.33, बादसी गोपाल गोलोकघाम मोटर मार्ग से खाण्ड तक मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य लागत 131.11, आराकोट कलीच थुनारा डामटी मोटर मार्ग का निर्माण 221.80, टिकोची पुल से झाकूली दूचाणू कण्डासी धार मोटर मार्ग का निर्माण लागत 440.00, कलीच थुनारा डामटी अवशेष मोटर मार्ग का विस्तार 175.00 स्यानाचट्टी से निसणी मोटर मार्ग लागत 380.16, पुजार गांव से पाली मोटर मार्ग लागत 278.51, स्यालना डांग सरतली मोटर मार्ग स्टेज 2 लागत 158.11, राजकीय आयुर्वेेदिक चिकित्सालय चमियारी भवन निर्माण का कार्य लागत 88.67, नौगांव पुरोला मोटर मार्ग के किमी 2 से थली लागत 623.03 कुल 57 करोड़ 5 लाख 75 हजार शामिल है।

लोकार्पण की गई योजनाओं में राजगढ़ी मोटर मार्ग के किमी 3 से टटाउ से क्वालगांव होते हुए झुमराड़ा तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य 303.74, जानकीचट्टी से यमुनोत्री पैदल मार्ग के किमी 6 में आपदा से क्षतिग्रस्त 15 मीटरी स्टील गार्डर सेतु क्षतिग्रस्त होने पर 24 मीटर स्टील गार्डर सेतू का निर्माण कार्य लागत 80.00 का  लोकार्पण किया। वहीं लोल्दू डांग मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 354.00, पीपली से थाती से धारकोट मुसड़गांव सम्पर्क मोटर मार्ग के किमी 1 व 2 में डमरीकरण लागत 186.71, सौरा सिरोर पैलद मार्ग में सौरा गाड पर 70 मी0 स्पान झूला पुल का निर्माण लागत 323.00, नैटवाड़ सांकरी मोटर की किमी 20 से आगे सांकरी तक प्ररिवर्तित समरेखण किमी 1 से 9 तक डामरीकरण कार्य लागत 390.00, पुरोला खलाडी से खालडी मोटर मार्ग लागत 138.03, एन.एच. 94 से पालर मोटर मार्ग लागत 197.35, दिचली से जगड़ गांव मोटर मार्ग स्टेज 01 लागत 131.51, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय संाकरी का भवन निर्माण लागत 71.40, रा.उ.प्रा.वि. पाटुड़ी भवन पुनःनिर्माण लागत 17.42, रा.प्रा.वि. मटृटी भवन पुनः निर्माण लागत 12.86, रा.प्रा.वि. डुण्डा गांव लागत 19.34, रा.प्रा.वि. हटनाली भवन पुनः निर्माण लागत 19.34, रा.प्रा.वि. कोट भवन पुनःनिर्माण कार्य लागत 12.86, रा.प्रा.वि. मखना भवन पुनः निर्माण लागत 19.34, रा.प्रा.वि. सांकरी भवन पुनः निर्माण लागत 12.86, रा.प्रा.वि. सिदरी भवन पुनः निर्माण लागत 12.86, रा.उ.प्रा.वि. मौताड़ भवन पुनः निर्माण लागत 17.42, रा.प्रा.वि. हलना भवन पुनः निर्माण लागत 12.86, रा.प्रा.वि. डंडालगांव भसवन पुनः निर्माण लागत 12.86, स्वच्छ आईकोनिक स्थल गंगोत्री धाम में एलईडी वाल का निर्माण लागत 19.27, सीमांत गांव बगोरी में भेड़ पालकों की भेड़ों के लिए आधुनिक डिपिंग टैंक की स्थापना एंव शियरिंग मशीन सुसज्जित उन शियरिंग काम्पलैक्स का निर्माण कार्य लागत 48.90 कुल 24 करोड़ 13लाख 93 हजार शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वामी जी का संकलन आने वाली पीढ़ी के लिए विश्व धरोहर हैं। स्वामी जी की 72 वर्ष की तपस्या का संग्रह आज विश्व को समर्पित हो गया है। स्वामी जी की तस्वीरें हिमालय को करीब से देखने के लिए पूर्ण सहयोग करेंगी। साथ ही हमारे वैज्ञानिकों और हिमालयन शोधकर्ताओं के लिए यह एक संजीवनी का कार्य करेगा। उन्होंन कहा कि स्वामी सुंदरानंद ने गंगोत्री धाम में एक विश्व धरोहर दी है, जिसका सरक्षंण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वामी सुंदरानंद के स्वास्थ्य का हालचाल भी जाना।केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत ने कहा कि हमें गंगा की निर्मलता और इसके प्रवाह को सरंक्षित करना है। जिसके लिए गंगा किनारे रहने वाले 45 करोड़ लोगों को भी अपना कर्तव्य समझना चाहिए। सभी देशवासी मिलकर गंगा की निर्मलता और स्वच्छता को बनाये रखेंगे, तब जाकर गंगा की सेवा पूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को अक्षुण बनाएं रखने में साधु समाज का अहम योगदान रहा है। हिमालय की विशालता गंगा की पवित्रता विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि विश्व के अनेक लोग हिमालय व गंगा पर शोध करने आते हैं, इस कला दिर्घा के चित्रों यदि ठीक से देखा व समझा जाए तो निश्चित ही हिमालय के दर्शन एक ही स्थान पर हो सकते है।इस अवसर पर स्वामी सुंदरानंद ऑटोग्राफी पुस्तक का भी विमोचन किया गया।इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह रावत, स्वामी सुन्दरानन्द महाराज, स्वामी राघवाचार्य महाराज, जिलाधिकारी डॉ.आशीष चैहान, पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट सहित देश विदेश से आये श्रद्धालु, साधु संत आदि उपस्थित थे।

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