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ग्रेटर नोएडा:  ग्रेटर नोएडा शहर में रामलीला को लेकर राजनीति शुरु हो गई है। महत्वाकांक्षा की वजह से दो धड़ों में बंटे श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के संस्थापक सदस्य अलग-अलग राह पर चल पड़े हैं। सदस्यों के बीच मनमुटाव के लिए सीधे तौर पर कमेटी के मुख्य संस्थापक गोस्वामी सुशील महाराज को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। दोनों गुट सेक्टर पाई स्थित रामलीला ग्राउंड पर रामलीला मंचन कराने पर अड़े हुए हैं। आनंद भाटी के नेतृत्व वाली कमेटी ने जहां 27 जुलाई को भूमि पूजन की घोषणा की है, वहीं धम्रेद्र भाटी के नेतृत्व वाली कमेटी 28 जुलाई को भूमि पूजन की तैयारी कर रही है। इससे टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। कार्यक्रम के लिए प्राधिकरण से अनुमति के लिए अधिकारियों के सामने शक्ति प्रदर्शन की बात कही है। संस्थापक सदस्यों के संख्या बल के आधार पर धम्रेद्र भाटी गुट का पलड़ा फिलहाल भारी नजर आ रहा है। कमेटी का चुनाव न कराये जाने से भी सदस्यों में रोष है।

मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के अध्यक्ष धम्रेद्र भाटी व अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि राम के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। हम सभी का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपनों को साकार करना है ना कि किसी व्यक्ति विशेष का गुणगान करना जो हमारे बीच द्वेष पैदा कर अपना स्वार्थ सिद्धि पूरी करने का सपना देखता हो। उन्होंने कहा कमेटी के कुछ लोगों में मनमुटाव होने के पीछे गोस्वामी सुशील का अपना स्वार्थ ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री रामलीला कमेटी से किनारा करके गोस्वामी सुशील महाराज ने अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए हम लोगों के द्वारा श्री धार्मिक रामलीला का गठन कराया था। कमेटी के बॉयलॉज के अनुसार कार्यकरणी का कार्यकाल एक साल होता है, लेकिन पिछले दो साल से चुनाव नहीं कराया गया। गोस्वामी सुशील ने अपने राजनीतिक मकसद से कमेटी का चुनाव नहीं कराया। धम्रेद्र भाटी गुट के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर कहा है कि वे गोस्वामी सुशील के मार्गदर्शन में रामलीला का मंचन नहीं कराना चाहते हैं। कमेटी खुद कार्य करने में सक्षम हैं। आरोप लगाया कि उनकी वजह से आज हम लोग दो भागों में बंट गए हैं। कमेटी के संस्थापक सदस्यों की संख्या 19 है, उसमें से 14-15 सदस्य गोस्वामी सुशील के विरोध में खड़े हो गए हैं। ब्रजपाल नागर का कहना है कि हमारी कमेटी ने पहले ही 28 जुलाई को भूमि पूजन की तिथि निर्धारित कर दी थी तो दूसरी कमेटी ने टकराव की स्थिति लाते हुए 27 जुलाई को भूमि पूजन की स्थिति निर्धारित की है। इस मौके पर कमेटी के कोषाध्यक्ष धीरेंद्र भाटी, शरद सहगल, भाजपा नेता मनोज डाढ़ा, धम्रेद्र नागर, पिंकी त्रिपाठी, अर्चना शर्मा, नीलम यादव, कुलदीप भाटी, राम सिंह नेता आदि मौजूद रहे।

 

 

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