ukss-program

ग्रेटर नोएडा: सामाजिक संस्था उत्तराखंड सांस्कृतिक समिति द्वारा आगामी रविवार, 10 नवम्बर 2019 को बीटा-2, क्लब ग्राउंड, ग्रेटर नोएडा में भव्य उत्तराखंडी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस बार समिति के सदस्यों की विशेष मांग पर संस्था के बच्चों को भी इस कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारम्भ शाम 4:00 बजे द्वीप प्रज्वलित कर सरस्वती वंदना से होगा। कार्यक्रम की शुरुआत में समिति के सदस्यों के बच्चों द्वारा गीत, संगीत, डांस इत्यादि की विभिन्न प्रस्तुतियां पेश की जाएँगी। इसके बाद ग्रेटर नोएडा के विभिन्न स्कूलों में पढ़ रहे उत्तराखंड मूल के मेधावी छात्र-छात्राओं तथा शहर के समाज सेवी व्यक्तियों को समिति द्वारा सम्मानित किया जायेगा, साथ ही संस्था की वार्षिक पुस्तिका देवभूमि स्मारिकाभाग 8” का भी विमोचन किया जायेगा।

शाम ठीक 6 बजे से उत्तराखंड से आये रामगंगा सांस्कृतिक कला केंद्र के लोक कलाकारों द्वारा लोकगायक गोपाल मठपाल के निर्देशन में नॉन स्टॉप सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश की जाएँगी। इस बार कार्यक्रम में लोकगायक गजेन्द्र राणा, गोपाल मठपाल, पन्नू गुसाईं, दीपा चौहान,  प्रीति मठपाल आदि उत्तराखंड के लोक कलाकार अपने लोक गीत संगीत के माध्यम से ग्रेटर नोएडा वासियों को पहाड़ की वादियों से रूबरू कराएँगे। कार्यक्रम में संगीतकार मोतीशाह होंगे जबकि मंच संचालन उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार पन्नू गुसाईं तथा उत्तराखंड समिति ग्रेटर नोएडा के वरिष्ठ सदस्य डीएस नेगी द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा। कार्यक्रम रात 10.30 बजे तक चलेगा। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर उत्तराखंड के करीब 140 पहाड़ी उत्पादों के साथ-साथ खान-पान के स्टाल भी लगाये जायेंगे। जहाँ दर्शकों के लिए उचित दरों पर रात का भोजन भी उपलब्ध रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान भगवत मनराल के नृत्य निर्देशन में कलाकारों द्वारा पारम्परिक वेशभूषा में देवभूमि उत्तराखण्ड की सुप्रसिद्ध नन्दा देवी राजजात की झांकी प्रस्तुत की जाएगी। इसके साथ ही “रामी बौराणी” और हम छौं उत्तराखंडी” नृत्य नाटिकाएं भी प्रस्तुत की जाएँगी। उत्तराखंड सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष जीपीएस रावत ने बताया कि समिति का इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करवाने का मुख्य उद्देश्य वर्तमान में उत्तराखंड के ग्रेटर नोएडा में रह रहे 2000 से अधिक परिवारों व उनके बच्चों को अपनी संस्कृति से रूबरू कराना हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here